Saturday, February 19, 2011

K for KAPOOR'S -((()))-

 !!"Bollywood's Kapoor's Family Pictures"!!

There are the some loving moments of kapoor's .
I am going to show you. 


Rishi kapoor, Randhir kapoor, Raj kapoor, shashi kapoor with Prathviraj kapoor

Rishi kapoor, Neetu kapoor with Cute Ranbir kapoor

Randhir kapoor with Bebo & Lolo

Teenager Bebo & Lolo

Shashi kapoor with his family

Friday, February 18, 2011

Money doesn't talk, it swears


$ $ currency Around the World $ $

Money speaks sense in a language all the nation understand.

























A Great Example Of Awareness


Some times we meet to the aware people of the country & being impressed. see the example what happen when a aware citizen meet to dutiful traffic police woman. when two great people meet this means a great event is going to be happen. see..... 






Wednesday, February 16, 2011

"TAJ MAHAL" ya "TEJOMAHALAYA"



BBC Says ...........
Taj ...........
A hidden truth ..........
Do not ever say that .........
It's a Tomb ..........


Aerial view of the Taj Mahal ......

cid: part1.00050203.06090602 @ oracle.com
Internal water Kuana ........... 
cid: part2.06030804.06010503 @ oracle.com
Front view of the Taj Mahal and dome cid: part3.09080704.08060501 @ oracle.com
A view of the dome and the peak ..... 
cid: part4.00030907.06080709 @ oracle.com
Peak to the right of the scene ......... cid: part5.03000607.02030403 @ oracle.com
Peak in the courtyard that makes the photos ..... cid: part6.05060808.06040700 @ oracle.com
At the entrance turned red lotus ........ cid: part7.04050901.06080907 @ oracle.com
A view of the back rooms of the Taj group and Bais ........ cid: part8.08080100.03070300 @ oracle.com
Windows and doors locked behind the scenes ........ cid: part9.01040608.06050105 @ oracle.com
Specially built gallery in Vedic style ..... cid: part10.09070103.01050702 @ oracle.com
A contradiction to the tomb Sangeetaly ........ ......... cid: part11.09090907.02060108 @ oracle.com
Based on the top floor off the room ......... cid: part12.06040805.05030906 @ oracle.com
A group of rooms located on ground floor marble ......... cid: part13.07080501.08010005 @ oracle.com
Flowers remain on the walls ...... hidden om l () .... 


Tuesday, February 15, 2011

PREYSHI (प्रेयसी) BY- SURYAKANTH TRIPATHI



घेर अंग-अंग को
लहरी तरंग वह प्रथम तारुण्य की,
ज्योतिर्मयि-लता-सी हुई मैं तत्काल
घेर निज तरु-तन।


खिले नव पुष्प जग प्रथम सुगन्ध के,

प्रथम वसन्त में गुच्छ-गुच्छ।
दृगों को रँग गई प्रथम प्रणय-रश्मि,-
चूर्ण हो विच्छुरित
विश्व-ऐश्वर्य को स्फुरित करती रही
बहु रंग-भाव भर
शिशिर ज्यों पत्र पर कनक-प्रभात के,
किरण-सम्पात से।



दर्शन-समुत्सुक युवाकुल पतंग ज्यों

विचरते मञ्जु-मुख
गुञ्ज-मृदु अलि-पुञ्ज

SURYAKANTH TRIPATHI
मुखर उर मौन वा स्तुति-गीत में हरे।
प्रस्रवण झरते आनन्द के चतुर्दिक-
भरते अन्तर पुलकराशि से बार-बार
चक्राकार कलरव-तरंगों के मध्य में
उठी हुई उर्वशी-सी,
कम्पित प्रतनु-भार,
विस्तृत दिगन्त के पार प्रिय बद्ध-दृष्टि
निश्चल अरूप में।


हुआ रूप-दर्शन

जब कृतविद्य तुम मिले
विद्या को दृगों से,
मिला लावण्य ज्यों मूर्ति को मोहकर,-
शेफालिका को शुभ हीरक-सुमन-हार,-
श्रृंगार
शुचिदृष्टि मूक रस-सृष्टि को।



याद है, उषःकाल,-

प्रथम-किरण-कम्प प्राची के दृगों में,
प्रथम पुलक फुल्ल चुम्बित वसन्त की
मञ्जरित लता पर
प्रथम विहग-बालिकाओं का मुखर स्वर
प्रणय-मिलन-गान,
प्रथम विकच कलि वृन्त पर नग्न-तनु
प्राथमिक पवन के स्पर्श से काँपती;



करती विहार

उपवन में मैं, छिन्न-हार
मुक्ता-सी निःसंग,
बहु रूप-रंग वे देखती, सोचती;
मिले तुम एकाएक;
देख मैं रुक गयी:-
चल पद हुए अचल,
आप ही अपल दृष्टि,
फैला समाष्टि में खिंच स्तब्ध मन हुआ।



दिये नहीं प्राण जो इच्छा से दूसरे को,

इच्छा से प्राण वे दूसरे के हो गये!
दूर थी,
खिंचकर समीप ज्यों मैं हुई
अपनी ही दृष्टि में;
जो था समीप विश्व,
दूर दूरतर दिखा।



मिली ज्योति छबि से तुम्हारी

ज्योति-छबि मेरी;
नीलिमा ज्यों शून्य से;
बँधकर मैं रह गई;
डूब गये प्राणों में
पल्लव-लता-भार
वन-पुष्प-तरु-हार
कूजन-मधुर चल विश्व के दृश्य सब,-
सुन्दर गगन के भी रूप दर्शन सकल-
सूर्य-हीरकधरा प्रकृति नीलाम्बरा,
सन्देशवाहक बलाहक विदेश के।
प्रणय के प्रलय में सीमा सब खो गयी!

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